एक दिल फेक

एक
दिल फेक
रहा आँखे सेक
ईमान न जिसका नेक
उम्र चौबीस give or take

दो
नयन वो
गया संसार सो
देख पल भर को
जाने कैसे हुआ confidence low

तीन
आहें रंगीन
कमबख्त बना दीन
जैसे हाथ पसारे चीन
कहीं पास सपेरा बजाए बीन

चार
जुड़े तार
पली ख्वाहिशे हज़ार
बजा मन का गिटार
love at first sight यार

पांच
लफ्ज़ सांच
अन्दर की आंच
पत्थर दिल बना कांच
हुयी सिलसिलों की missle launch

छः
दर्द सह
दिया एकदिन कह
फिर चली भावनाएं बह
castle -ए – dreams गया ढह

सात
गुजरीं रात
पड़ी घुमाकर लात
बंद करदी उसने बात
सूख छुआरा हो गया गात

आठ
खाकर लाठ
मिला बेहतरीन पाठ
“अनजान” बना दिलको काठ
रहने दे, अब खोल मन की गाँठ

नौ
कैंदी पौ
बुझे एक लौ
खोले रास्ते नए सौ
फिर से बन्दर करे खौ

दस
नम्बरी बस
चल कमर कस
रह हमेशा जस-का-तस
“me” is always better than “us”

– चक्रेश मिश्र “अनजान”

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